पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बांकुरा में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने राज्य की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता अब कथित “निर्मम शासन” के खिलाफ नाराजगी जता रही है और बदलाव चाहती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देती है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के विकास के लिए जरूरी है कि अधिक से अधिक महिलाएं राजनीति और सार्वजनिक जीवन में आगे आएं।

टीएमसी और कांग्रेस पर आरोप

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि महिलाओं के लिए प्रस्तावित आरक्षण विधेयक को आगे बढ़ने से रोकने के लिए टीएमसी ने कांग्रेस के साथ मिलकर रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि दोनों दलों का रुख आदिवासी समाज और महिला सशक्तिकरण के खिलाफ रहा है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि राष्ट्रपति चुनाव के दौरान टीएमसी और कांग्रेस ने आदिवासी समाज से आने वाली द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ उम्मीदवार उतारा था। पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी पर घुसपैठियों को लाभ पहुंचाने और वोट बैंक की राजनीति करने के आरोप हैं।

कानून-व्यवस्था और चेतावनी का बयान

सभा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव से पहले जो लोग हिंसा या अराजकता में शामिल हैं, उन्हें कानून के सामने खुद को पेश कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद कानून अपना काम करेगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

पीएम मोदी ने यह भी दावा किया कि इस बार का पश्चिम बंगाल चुनाव ऐतिहासिक होगा, क्योंकि जनता भय के माहौल को खत्म कर विकास और विश्वास के पक्ष में मतदान करेगी।

महिलाओं के लिए बड़े वादे

बांकुरा रैली में प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की जाएंगी। इसमें पीएम आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए 1.5 लाख रुपये तक की सहायता शामिल होगी।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधा के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा और गंभीर बीमारियों में सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपचार और डायलिसिस की सुविधा दी जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं को सालाना सहायता, गर्भवती महिलाओं को आर्थिक मदद, बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता, मुद्रा योजना के तहत स्वरोजगार के लिए ऋण और कृषि से जुड़ी महिलाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहयोग देने की योजना है।

चुनावी परिदृश्य

पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत होगी। मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।

2021 में टीएमसी ने 213 सीटों के साथ सत्ता में वापसी की थी, जबकि भाजपा मुख्य विपक्षी दल बनी थी। इस बार मुकाबला और अधिक तीखा होने की संभावना जताई जा रही है, जहां टीएमसी लगातार चौथी बार सरकार बनाने की कोशिश में है और भाजपा राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लक्ष्य के साथ मैदान में है।