नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा से ठीक पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देशभर के अभ्यर्थियों से शांत और तनावमुक्त होकर परीक्षा में शामिल होने की अपील की है। रविवार को होने वाली इस परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। मंत्री ने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे आत्मविश्वास के साथ बिना किसी भय के परीक्षा दें।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, शिक्षकों और विद्यार्थियों की तैयारी पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद छात्रों को अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना चाहिए और बेहतरीन प्रदर्शन करना चाहिए।

छात्रों से की शांत रहने की अपील

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि लाखों छात्र कुछ ही घंटों में परीक्षा देने जा रहे हैं, ऐसे में उन्हें किसी भी प्रकार के डर या तनाव से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी पूरी निडरता और मानसिक संतुलन के साथ परीक्षा दें, सफलता निश्चित रूप से उनके साथ होगी।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी

धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी अपील की कि कोई भी व्यक्ति ऐसी गतिविधि या बयान न दे, जिससे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़े। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। अफवाहें और भ्रामक जानकारी परीक्षा से पहले छात्रों का मनोबल गिरा सकती हैं, इसलिए जिम्मेदारी के साथ व्यवहार जरूरी है।

बिना नाम लिए दिया संदेश

मंत्री ने कुछ “जिम्मेदार लोगों” के रवैये पर भी अप्रत्यक्ष टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कुछ गतिविधियों के चलते छात्रों पर अनावश्यक दबाव बढ़ा है। ऐसे समय में सभी को चाहिए कि वे सकारात्मक माहौल बनाए रखें, न कि तनाव बढ़ाने वाली स्थिति पैदा करें।

क्यों हो रही है पुनर्परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई थी। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।

सुरक्षा व्यवस्था सख्त

इस बार परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए देशभर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और जिला प्रशासन की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। एनटीए और प्रशासन का दावा है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से कराई जाएगी।