नई दिल्ली/उत्तर भारत। उत्तर भारत के कई हिस्से इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। अधिकतर इलाकों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर पारा सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है।

उत्तर प्रदेश के बांदा में रविवार को अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे यह देश का सबसे गर्म स्थान रहा। इससे एक दिन पहले यहां तापमान 47 डिग्री के करीब पहुंचने की स्थिति में था, जिससे लगातार गर्मी का असर बना हुआ है।

कानपुर में टूटा 56 साल का रिकॉर्ड

कानपुर में अप्रैल महीने की गर्मी ने पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार, 26 अप्रैल को अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 56 वर्षों में अप्रैल माह का सबसे ऊंचा स्तर है।

मौसम विभाग के नोडल अधिकारी अजय मिश्रा के मुताबिक, 1971 से अब तक अप्रैल में इतना अधिक तापमान कभी दर्ज नहीं किया गया था।

देश के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का असर

राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि प्रयागराज 45.7 डिग्री के साथ देश के सबसे गर्म शहरों में तीसरे स्थान पर रहा।

एक ओर लू, दूसरी ओर बारिश का अलर्ट

देश में इस समय मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से भीषण गर्मी और लू से परेशान हैं, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत में 27 अप्रैल से 2 मई तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

बांदा में हालात गंभीर, 50 डिग्री तक तापमान का अनुमान

बांदा में स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। रविवार को दोपहर के समय तापमान 46 डिग्री से ऊपर चला गया, जिससे सड़कें लगभग खाली नजर आईं। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा।

जनजीवन पर असर

गर्मी से राहत पाने के लिए लोग खीरा, ककड़ी और अन्य मौसमी फलों का सहारा लेते नजर आए। हवा में नमी घटकर लगभग 30 प्रतिशत रह गई है, जिससे लू का प्रभाव और बढ़ गया है।

महाराणा प्रताप चौक, बाबूलाल चौराहा और झांसी-मिर्जापुर हाईवे जैसे प्रमुख स्थानों पर दोपहर के समय सन्नाटा देखने को मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।