टी20 विश्व कप 2026 से पहले उपजे विवाद पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को हुई बोर्ड बैठक में बहुमत के आधार पर यह तय किया गया कि बांग्लादेश को भारत में ही अपने मैच खेलने होंगे, अन्यथा उसे टूर्नामेंट से बाहर किया जा सकता है। आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को 24 घंटे के भीतर अंतिम रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
बांग्लादेश की मांग क्यों खारिज हुई?
बीसीबी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में होने वाले अपने मुकाबलों को श्रीलंका स्थानांतरित करने और ग्रुप बदलने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन आईसीसी ने शेड्यूल और ग्रुपिंग में किसी भी तरह के बदलाव से इनकार कर दिया।
बैठक में कौन-कौन रहा शामिल?
आईसीसी बोर्ड की इस अहम बैठक में सभी फुल मेंबर देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसमें आईसीसी चेयरमैन जय शाह, बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी, एसएलसी अध्यक्ष शम्मी सिल्वा सहित ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, आयरलैंड, जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। साथ ही आईसीसी प्रबंधन और एंटी-करप्शन यूनिट के प्रमुख एंड्रयू एफग्रेव भी मौजूद रहे।
वोटिंग में रिप्लेसमेंट के पक्ष में बहुमत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड के अधिकांश सदस्य इस बात पर सहमत थे कि अगर बांग्लादेश भारत में खेलने से इनकार करता है, तो उसकी जगह किसी दूसरी टीम को शामिल किया जाए। इसी आधार पर बीसीबी को एक दिन का समय दिया गया है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
तनाव की जड़ आईपीएल 2026 से जुड़ा मामला बताया जा रहा है, जब मुंबई इंडियंस ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज किया। इसके बाद बांग्लादेश में सुरक्षा और टीम माहौल को लेकर सवाल उठने लगे। बीसीबी ने दावा किया कि भारत यात्रा में जोखिम हो सकता है और इसलिए उसने श्रीलंका में खेलने का विकल्प रखा।
मौजूदा शेड्यूल क्या कहता है?
वर्तमान कार्यक्रम के अनुसार, बांग्लादेश ग्रुप-सी में है और अपने लीग मुकाबले कोलकाता और मुंबई में खेलेगा।
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पहला मैच: 7 फरवरी, कोलकाता बनाम वेस्टइंडीज
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अगले दो मैच: कोलकाता
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अंतिम लीग मैच: मुंबई
ICC का जवाब: सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं
आईसीसी ने एक स्वतंत्र सुरक्षा एजेंसी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि भारत में सुरक्षा व्यवस्था उच्च स्तर की है और किसी भी टीम के लिए कोई विशेष खतरा नहीं पाया गया है।
क्या स्कॉटलैंड बन सकता है बैकअप?
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अगर बांग्लादेश टूर्नामेंट से हटता है, तो उसकी जगह स्कॉटलैंड को मौका मिल सकता है। ऐसा पहले भी हो चुका है—2009 में जिम्बाब्वे के हटने पर स्कॉटलैंड को शामिल किया गया था।
बीसीबी और सरकार का रुख
बीसीबी और बांग्लादेश सरकार के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने भी आईसीसी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। हालांकि, आईसीसी अपने फैसले पर कायम है।
टूर्नामेंट ग्रुप
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ग्रुप A: भारत, नामीबिया, नीदरलैंड्स, पाकिस्तान, अमेरिका
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ग्रुप B: ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, ओमान, श्रीलंका, जिम्बाब्वे
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ग्रुप C: बांग्लादेश, इंग्लैंड, इटली, नेपाल, वेस्टइंडीज
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ग्रुप D: अफगानिस्तान, कनाडा, न्यूज़ीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, यूएई
आईसीसी ने साफ कर दिया है कि ग्रुप संरचना और शेड्यूल में बदलाव संभव नहीं है। अब सबकी नजर बांग्लादेश के अगले 24 घंटे के फैसले पर टिकी है।