ओडिशा में पश्चिम बंगाल के एक मुस्लिम युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। पीडीपी नेता और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए सरकार और समाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक 19 वर्षीय युवक को केवल बांग्लादेशी होने के संदेह में भीड़ ने मार डाला।

इल्तिजा मुफ्ती ने अपने पोस्ट में मृतक युवक जुवेल राणा का आधार कार्ड साझा करते हुए लिखा कि वह एक प्रवासी मजदूर के रूप में ओडिशा गया था, लेकिन पहचान पर शक के चलते उसकी जान ले ली गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं देश की सामाजिक सच्चाई को उजागर करती हैं और इसे “लिंचिस्तान” कहा।

बुधवार रात की घटना

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के निवासी 19 वर्षीय मजदूर की बुधवार देर रात ओडिशा के संबलपुर में बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि मृतक सूती थाना क्षेत्र के चकबहादुरपुर गांव का रहने वाला था और रोज़गार के सिलसिले में ओडिशा में काम कर रहा था।

मृतक के साथ काम करने वाले साथियों और उसके परिवार का आरोप है कि उस पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासी होने के शक में हमला किया गया। हालांकि, ओडिशा पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि आरोपी और पीड़ित एक-दूसरे को पहले से जानते थे और मामले की जांच जारी है।

पहले पहचान पूछी, फिर हमला

पुलिस के मुताबिक, यह घटना शांति नगर इलाके में उस वक्त हुई जब युवक काम खत्म कर लौट रहा था। उसके एक साथी ने बताया कि वे चाय की दुकान पर रुके थे, तभी कुछ लोगों ने बीड़ी मांगी और फिर आधार कार्ड दिखाने को कहा। पहचान देखने के बाद अचानक लाठियों से हमला कर दिया गया। जुवेल के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि दो अन्य मजदूर भी घायल हो गए।

घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जुवेल को मृत घोषित कर दिया। उसके साथियों ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से ओडिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटना उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। पोस्टमार्टम के बाद शव को पश्चिम बंगाल ले जाने की तैयारी की जा रही है। हमले में घायल अकीर शेख और पलाश शेख का संबलपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है।