उत्तर प्रदेश के रामपुर में पुलिस लाइन में एसपी विद्यासागर मिश्र की विदाई के दौरान बेहद भावुक माहौल देखने को मिला। आमतौर पर ट्रांसफर और विदाई समारोह औपचारिक होते हैं, लेकिन इस बार का दृश्य कुछ खास था, जिसमें अफसर और अधीनस्थों के बीच गहरा जुड़ाव नजर आया।

बुधवार को आयोजित विदाई समारोह में जैसे ही विद्यासागर मिश्र मंच से उतरे, महिला सिपाहियों की आंखों से आंसू छलक पड़े। कई सिपाही अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख सकीं और फूट-फूटकर रोने लगीं। कुछ महिला सिपाही भावुक होकर कहती नजर आईं, “सर, आप मत जाइए।” यह दृश्य वहां मौजूद हर शख्स के दिल को छू गया।

इस दौरान एसपी विद्यासागर मिश्र भी भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर पाए। उन्होंने एक-एक सिपाही के पास जाकर उन्हें सांत्वना दी। एक महिला सिपाही के सिर पर हाथ रखते हुए उन्होंने कहा, “रोना नहीं है, मैं फिर आऊंगा।” इस शब्द ने माहौल को और भी भावुक बना दिया। यह विदाई केवल एक अफसर की नहीं, बल्कि उस नेता की थी जिसने अपने अधीनस्थों के दिलों में खास जगह बनाई।

विदाई समारोह में मौजूद पुलिसकर्मी—जवान और अधिकारी—सभी भावुक नजर आए। किसी की आंखों में आंसू थे तो कोई चुपचाप इस पल को महसूस कर रहा था। इस बीच, पीछे से गाना बज रहा था, “कभी अलविदा ना कहना।”

रामपुर को अब नए एसपी के रूप में 2017 बैच के आईपीएस सोमेंद्र मीणा ने जिम्मेदारी संभाल ली है। उन्होंने पदभार ग्रहण करने के बाद पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई शुरू की और फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

नए एसपी के स्वागत के दौरान एएसपी अनुराग सिंह, सीओ टांडा कीर्ति निधि आनंद और अन्य अधिकारियों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। प्रशासनिक फेरबदल के तहत विद्यासागर मिश्र का तबादला सीतापुर पीटीसी कर दिया गया है।