नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में ऑस्ट्रिया के चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ उच्च स्तरीय वार्ता की। इस बैठक का मुख्य फोकस भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना तथा सहयोग के नए अवसर तलाशना रहा। बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे।

इस दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर कई अहम समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई गई है।

बैठक से पहले ऑस्ट्रियाई चांसलर स्टॉकर ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित किए। वे चार दिवसीय भारत यात्रा पर हैं और 2025 में पद संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत एवं एशिया यात्रा है।

चांसलर के भारत आगमन पर बुधवार को विदेश राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया था। वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी उनसे मुलाकात की, जिसे उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने वाला बताया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार भारत और ऑस्ट्रिया के बीच लंबे समय से मित्रतापूर्ण संबंध रहे हैं और यह यात्रा “भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी” को नई गति देने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

चांसलर स्टॉकर के साथ आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी और कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं। इस यात्रा का उद्देश्य आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है, जिसमें ग्रीन टेक्नोलॉजी, डिजिटल इनोवेशन, नवीकरणीय ऊर्जा और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

दोनों देशों के नेताओं के बीच वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। भारत और ऑस्ट्रिया के संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों और पारस्परिक विश्वास पर आधारित रहे हैं। यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी की 2024 में ऑस्ट्रिया यात्रा के दौरान बनी सहमति को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

गौरतलब है कि दिसंबर 2023 में वियना में दोनों देशों के बीच विदेश कार्यालय स्तर की वार्ता हुई थी, जिसने मौजूदा उच्च स्तरीय सहयोग और इस यात्रा की नींव तैयार की थी।