नई दिल्ली। भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक बदलाव जारी है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से टेलीफोन पर वार्ता की। दोनों मंत्रियों ने आपसी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की और इसे अत्यंत लाभकारी बताया।
इस बातचीत में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की आगामी भारत यात्रा पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सूत्रों के अनुसार, कार्नी मार्च की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं, जहां कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। ऊर्जा, यूरेनियम आपूर्ति और खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी पहले से ही वार्ता चल रही है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने इस वार्ता के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ हुई बातचीत फलदायी रही और इसमें दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। इसके अलावा, भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर औपचारिक वार्ता जल्द शुरू होने जा रही है, जिसमें दोनों देशों की सहमति बन चुकी है।
यह वार्ता ऐसे समय हुई जब कनाडाई प्रधानमंत्री कार्नी ने हाल ही में दावोस में विश्व आर्थिक मंच में दुनिया की उभरती ताकतों से एकजुट होने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में मध्यम शक्तियों को मिलकर काम करना चाहिए।
विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इसी हफ्ते दोनों देशों के बीच वार्ता होने वाली है। कनाडा के ऊर्जा मंत्री टिम होजीसन गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक में हिस्सा लेने आ रहे हैं। उनकी पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी के साथ बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स, यूरेनियम और लिक्विफाइड नेचुरल गैस जैसे क्षेत्रों में संभावित समझौतों पर चर्चा होगी।
पिछले कुछ महीनों में भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संपर्क भी बढ़े हैं, जिसमें उच्चायुक्तों की नियुक्ति और अन्य कदम शामिल हैं। यह तेजी से सुधारते संबंध कनाडा में नई सरकार के बाद और अधिक मजबूती पा रहे हैं।
याद रहे, 2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो द्वारा भारत पर गंभीर आरोपों के बाद दोनों देशों के संबंधों में खटास आई थी। लेकिन कार्नी सरकार बनने के बाद संबंधों को सामान्य करने की प्रक्रिया तेज़ हो गई है।