नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कई अहम मुद्दों पर अपडेट दिए। उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार बढ़ रहे हमलों पर गंभीर चिंता जताई।
जायसवाल ने कहा कि चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों, उनके घरों और व्यवसायों पर बार-बार हमले हो रहे हैं। यह एक चिंताजनक सिलसिला है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं को व्यक्तिगत या राजनीतिक कारणों से जोड़ने की प्रवृत्ति खतरनाक है, क्योंकि इससे अपराधियों को और अधिक हौसला मिलता है और अल्पसंख्यकों में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ती है।
अमेरिकी संसद के प्रस्तावित तेल शुल्क पर प्रतिक्रिया
प्रवक्ता ने अमेरिकी संसद में पेश एक विधेयक का भी जिक्र किया, जिसमें रूसी तेल पर 500 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि भारत इस प्रस्ताव पर नजर रख रहा है और वैश्विक ऊर्जा बाजार की बदलती परिस्थितियों तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति बनाता रहेगा।
शक्सगाम घाटी में चीनी गतिविधियों पर विरोध
जायसवाल ने शक्सगाम घाटी में चीन की निर्माण और अन्य गतिविधियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह क्षेत्र भारतीय क्षेत्राधिकार में आता है और भारत ने चीनी पक्ष के सामने लगातार विरोध दर्ज कराया है।
ताइवान के पास सैन्य अभ्यास पर भारत का रुख
ताइवान के पास चीन के सैन्य अभ्यास को लेकर जायसवाल ने कहा कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है। भारत इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में है, क्योंकि इसके व्यापारिक, आर्थिक और समुद्री हित महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और बल या धमकी का सहारा न लेने का आग्रह किया।
जर्मनी के चांसलर का भारत दौरा
इसके अलावा, प्रवक्ता ने बताया कि जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12 और 13 जनवरी को भारत का दौरा करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।