पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच भारत और फ्रांस ने एक बार फिर अपनी मजबूत रणनीतिक साझेदारी का संदेश दिया है। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत की। इस वार्ता में क्षेत्रीय हालात, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर चिंता

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और समुद्री मार्गों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया। यह जलमार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि वैश्विक तेल कारोबार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है।

क्षेत्रीय शांति को लेकर सहयोग

वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ दीर्घकालिक शांति और स्थिरता पर भी विचार साझा किए। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और फ्रांस मिलकर क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर शांति बनाए रखने के लिए अपना सहयोग आगे भी जारी रखेंगे। विशेषज्ञ इस बातचीत को महत्वपूर्ण मान रहे हैं, क्योंकि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रणनीतिक स्वायत्तता की नीति का समर्थन करते रहे हैं।

ट्रंप ने भी की प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर चर्चा की। लगभग 40 मिनट चली इस बातचीत में दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की ताजा परिस्थितियों पर अपने विचार साझा किए।

सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान ऊर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच संभावित सहयोग पर भी चर्चा हुई और संकेत मिले कि आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के बीच कुछ बड़े समझौते हो सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस संवाद को सकारात्मक बताते हुए कहा कि भारत और अमेरिका अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।