नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने विदेशी एयरलाइंस के संचालन को लेकर नियमों को और सख्त कर दिया है। अब डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) को यह अधिकार मिल गया है कि यदि किसी विदेशी एयरलाइन द्वारा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया जाता है या कमियां पाई जाती हैं, तो उसका ऑपरेटिंग ऑथराइजेशन रद्द या अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है।

डीजीसीए प्रमुख वीर विक्रम यादव द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, भारत में उड़ान भरने वाली सभी विदेशी एयरलाइंस को अब एक स्थानीय प्रतिनिधि नियुक्त करना अनिवार्य होगा। यह प्रतिनिधि सीधे रेगुलेटर और एयरलाइन के बीच संपर्क की कड़ी के रूप में कार्य करेगा।

इसके साथ ही यात्रियों की शिकायतों के निपटारे को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की गई है। पहले यह नियम मुख्य रूप से भारतीय एयरलाइंस पर लागू था, लेकिन अब विदेशी एयरलाइंस को भी उपभोक्ता संरक्षण मानकों का पालन करना होगा। उन्हें शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी सिस्टम तैयार करना होगा, शिकायतों का रिकॉर्ड रखना होगा और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट डीजीसीए को देनी होगी।

नए नियमों के तहत, यदि किसी एयरलाइन का स्वामित्व या नियंत्रण निर्धारित देश के मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता, या वह सुरक्षा व संरक्षा मानकों का पालन करने में विफल रहती है, तो उसका लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जा सकता है। हालांकि, ऐसी कार्रवाई आपात स्थिति को छोड़कर संबंधित सरकार से परामर्श के बाद ही की जाएगी।

इसके अलावा, यदि कोई विदेशी एयरलाइन किसी भारतीय हवाई अड्डे से लगातार चार ट्रैफिक सीजन तक अपनी निर्धारित उड़ानें संचालित नहीं करती है, तो उस रूट के लिए उसका अधिकार स्वतः निलंबित माना जाएगा। अतिरिक्त उड़ानों के संचालन के लिए एयरलाइंस को कम से कम सात कार्य दिवस पहले आवेदन देना अनिवार्य होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी उड़ानें द्विपक्षीय समझौतों और स्वीकृत स्लॉट के दायरे में हों।

इस बीच, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कुवैत और भारत के बीच हवाई सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। 27 फरवरी के बाद रविवार को पहली सीधी उड़ानें फिर से शुरू हुईं। कुवैत की जज़ीरा एयरवेज ने साप्ताहिक उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

इसी तरह गल्फ एयर ने 21 अप्रैल से बहरीन और भारत के विभिन्न शहरों के बीच उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं। हालांकि, यूएई ने अभी तक अपने हवाई क्षेत्र को विदेशी एयरलाइंस के लिए पूरी तरह नहीं खोला है। वहीं, भारतीय विमानन क्षेत्र के अधिकारियों के अनुसार सऊदी अरब का हवाई क्षेत्र अब लगभग सामान्य स्थिति में लौट चुका है।