हापुड़ जिले के थाना पिलखुवा क्षेत्र में सोमवार सुबह बड़ा अग्निकांड हो गया। मोदीनगर रोड स्थित एक कपड़ा फैक्ट्री के पास बनी झुग्गी बस्ती में अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 70 झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके साथ ही आग आसपास के गोदामों और फैक्ट्रियों तक भी फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 9 बजे झुग्गियों से धुआं उठता देखा गया, जिसके बाद आग की लपटें तेजी से बढ़ने लगीं। झुग्गियों में रखे प्लास्टिक, लकड़ी, कचरा और अन्य ज्वलनशील सामान ने आग को और भड़का दिया, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई।
तेजी से फैलती आग ने पास स्थित गायत्री लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट, यूनाइटेड ट्रांसपोर्ट और एक जींस सिलाई फैक्ट्री को भी अपनी चपेट में ले लिया। गोदामों में रखा भारी मात्रा में कपड़ा जलकर नष्ट हो गया। जानकारी के अनुसार, एक गोदाम में करीब 800 गांठ और दूसरे में लगभग 250 गांठ माल रखा हुआ था, जो पूरी तरह से राख हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। करीब आठ दमकल गाड़ियों की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के दौरान पूरे क्षेत्र में घना धुआं फैल गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से झुग्गियों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आग में झुग्गियों में रखा घरेलू सामान, कपड़े, नकदी और जरूरी दस्तावेज जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए, जिससे कई परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
मौके पर पहुंचीं क्षेत्राधिकारी अनीता चौहान ने राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है और जांच जारी है।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस अग्निकांड में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, जबकि वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा रहा है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
फिलहाल प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की बड़ी चुनौती है। स्थानीय लोगों ने पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता और अस्थायी आवास की व्यवस्था की मांग की है। वहीं, दमकल विभाग आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है।