नई दिल्ली। भारतीय कांग्रेस (आईओसी) के प्रमुख सैम पित्रोदा ने एक बार फिर देश के तकनीकी और नवाचार पर बयान देकर सुर्खियां बटोरी हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने युवाओं और तकनीकी प्रतिभाओं को तैयार तो किया, लेकिन उन्हें वैश्विक कंपनियों की सेवा में लगाकर घरेलू नवाचार का लाभ नहीं उठाया। पित्रोदा ने यह भी कहा कि 1.5 अरब की आबादी वाला देश आज तक अपना ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं बना पाया, जो उनकी दृष्टि में “शर्म की बात” है।
पित्रोदा का बयान
पित्रोदा ने इंटरव्यू में कहा कि भारत ने युवाओं की एक बड़ी तकनीकी प्रतिभा तैयार की है, लेकिन ये अभी अपरिपक्व हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारी प्रतिभाओं का उपयोग मुख्य रूप से विदेशी कंपनियों के लिए प्रोग्रामिंग, बैंकिंग, कानूनी प्रणालियों, विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स में किया गया। पित्रोदा ने यह भी कहा कि देश ने अब तक अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनी या मोबाइल फोन ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित नहीं किया।
भाजपा का पलटवार
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने पित्रोदा की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि पित्रोदा ने “झूठ बोलकर भारत का मजाक उड़ाया” और देश की उपलब्धियों को अनदेखा किया। पूनावाला ने पित्रोदा के बयान का जवाब देते हुए भारत में विकसित किए गए ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे बॉस लीनक्स, माया ओएस, प्राइमओएस, भारओएस, इंडस ओएस और नेक्स्टक्वांटमओएस का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य अक्सर झूठ बोलकर भारत को नीचा दिखाना रहा है।