कोलकाता। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर अपने विवादित बयानों से सुर्खियां बटोरी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कुछ नेताओं ने तय कर लिया है कि उन्हें कांग्रेस से बाहर किया जाएगा। अय्यर ने यह भी कहा कि उन्हें अब तक औपचारिक रूप से कोई नोटिस या पत्र नहीं मिला है।
अय्यर का बयान:
मणिशंकर अय्यर ने कहा, "जहां तक मेरा सवाल है, मैं खुद को कांग्रेस का हिस्सा समझता हूं। लेकिन केसी वेणुगोपाल ने कुछ ऐसा कहा कि लगता है या तो मुझे निकालने का निर्णय लिया जा चुका है या वह तय करने वाले हैं।" उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग दावा करते हैं कि उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है, लेकिन यह सच नहीं है।
टीएमसी में ममता बनर्जी के पहले नेशनल सेक्रेटरी रहे अय्यर
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के समर्थन पर अय्यर ने कहा कि लगभग पूरी कांग्रेस ममता दी के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं दिसंबर 1997 में टीएमसी में शामिल हुए थे और तीन हफ्ते तक ममता बनर्जी के राइट हैंड थे। हालांकि, उन्होंने टीएमसी छोड़ दिया क्योंकि पार्टी बंगालियों की रही और वह खुद बंगाली नहीं थे।
बंगाल विधानसभा चुनाव और इंडिया ब्लॉक गठबंधन पर टिप्पणी
अय्यर ने बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ममता बनर्जी भाजपा को करारी शिकस्त देंगी। इंडिया ब्लॉक गठबंधन के भविष्य पर उन्होंने कहा कि ममता दी के बिना यह गठबंधन खत्म हो जाएगा क्योंकि वह इसकी असली नेता हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि राहुल गांधी को इस पद पर बने रहने की बजाय किसी अन्य छोटे पार्टी के नेता जैसे स्टालिन, ममता, अखिलेश या तेजस्वी को गठबंधन संभालने देना चाहिए।