कर्नाटक के कोथाडी में गुरुवार को 23 वर्षीय रंजीता एच.जी. की कथित रूप से उसके लिव-इन पार्टनर अयप्पा के.बी. ने हत्या कर दी। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उसे हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और संबंध

रंजीता और अयप्पा दोनों ही कोडागु जिले के निवासी थे और किराए के मकान में साथ रह रहे थे। अयप्पा ड्राई फ्रूट की दुकान में काम करता था, जबकि रंजीता घरेलू सहायिका के रूप में नौकरी करती थी। रंजीता की मां रानी के अनुसार, उनकी बेटी अयप्पा के प्यार में थी। 31 दिसंबर, 2025 को रंजीता ने अयप्पा को अपने परिवार से मिलवाया और शादी की इच्छा जताई।

अयप्पा ने परिवार को बताया कि उसकी पहले से शादी हो चुकी है, लेकिन घरेलू परेशानियों के कारण वह अलग रह रहा है और तलाक मिलने के बाद रंजीता से शादी करने का वादा किया था।

मारपीट और धमकियां

रंजीता ने अपनी मौत से दो हफ्ते पहले अपनी मां को बताया था कि अयप्पा छोटी-छोटी बातों पर उसे मारता-पीटता था और कभी-कभी दोस्तों के साथ पार्टी करते हुए परेशान करता था। 1 मार्च को हुई एक घटना में आरोपी ने रंजीता के साथ मारपीट की और जाति के आधार पर गालियां दीं, साथ ही उसे मारने की धमकी भी दी।

12 मार्च की सुबह, अयप्पा ने रंजीता की बहन को फोन कर दावा किया कि रंजीता ने आत्महत्या करने की कोशिश की है। उन्होंने उसे सरजापुर रोड के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने रंजीता को मृत घोषित कर दिया।

जांच में सामने आया सच्चाई

पुलिस जांच में पता चला कि अयप्पा ने रंजीता का गला तार से घोंटा और फिर छत के पंखे से रस्सी बांधकर घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने कथित तौर पर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की हत्या की धारा 302 और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।