चमोली: भारी बारिश के चलते गुमखाल और सतपुली के बीच भूस्खलन होने से पौड़ी हाईवे (NH-534) पर करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान सड़क पर मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरने से आवागमन रुक गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी बीच, कोटद्वार और दुगड्डा के दौरे पर गई जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया को भी वैकल्पिक मार्ग से अपनी यात्रा करनी पड़ी। उन्हें डेरियाखाल–सिसल्डी–कांडाखाल–सतपुली मार्ग से पौड़ी की ओर जाना पड़ा, लेकिन यह रास्ता भी खराब स्थिति में होने के कारण उन्हें और अन्य वाहन चालकों को कठिनाई झेलनी पड़ी।
बारिश के बाद बढ़ा भूस्खलन का खतरा
गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई बारिश के बाद गुमखाल से लगभग सात किलोमीटर आगे पहाड़ी से मलबा गिरना शुरू हो गया। इसके बाद सतपुली मल्ली क्षेत्र में भी भारी बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गया, जिससे शाम करीब 5:30 बजे हाईवे पूरी तरह बंद हो गया।
यह मार्ग पहाड़ काटकर चौड़ीकरण कार्य के चलते पहले से ही संवेदनशील माना जा रहा है, जिससे बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
कई वाहन फंसे, वैकल्पिक मार्ग से निकाले गए
हाईवे बंद होने के कारण कोटद्वार और पर्वतीय क्षेत्रों की ओर आने-जाने वाले दर्जनों वाहन दोनों तरफ फंस गए। बाद में छोटे वाहन और बसें वैकल्पिक मार्ग से अपने गंतव्य की ओर रवाना की गईं।
देर रात खुला हाईवे
एनएच खंड के सहायक अभियंता खुशवंत शर्मा ने बताया कि मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम तुरंत शुरू किया गया और करीब रात 8:30 बजे हाईवे को यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया। उन्होंने कहा कि मार्ग पर लगातार निगरानी और मरम्मत कार्य जारी है ताकि भविष्य में यातायात बाधित न हो।