पटना में केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर आगामी मई के तीसरे सप्ताह में राज्य के छह जिलों में हवाई हमले और ब्लैकआउट से जुड़ी मॉकड्रिल कराई जाएगी। इस अभ्यास के दौरान तय समय पर पूरे क्षेत्र में सायरन बजाकर आपात स्थिति का सीन तैयार किया जाएगा। इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी नागरिक सुरक्षा निदेशालय को सौंपी गई है, जिसे नोडल एजेंसी बनाया गया है।

इस मॉकड्रिल की तैयारियों को लेकर गुरुवार को आपदा प्रबंधन विभाग के सभागार में अहम बैठक हुई, जिसमें संबंधित जिलों के डीएम और एसपी शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की।

डॉ. सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार हर साल दो बार नागरिक सुरक्षा से जुड़ा मॉक अभ्यास कराना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पिछले अभ्यास में पटना समेत कई जिलों का प्रदर्शन संतोषजनक रहा था।

बैठक में सायरन सिस्टम को समय रहते दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी कहा गया कि ब्लैकआउट के दौरान बिजली व्यवस्था का समुचित समन्वय बेहद जरूरी है, इसलिए बिजली विभाग से पहले ही तालमेल बना लिया जाए।

सायरन संचालन के लिए चौक-चौराहों पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम, थाना और दमकल वाहनों का भी उपयोग किया जाएगा। अस्पतालों में आपात स्थिति के दौरान खिड़कियों पर पर्दे या कर्टन लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया, ताकि अभ्यास के दौरान सामान्य कार्य प्रभावित न हो।

अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया कि मॉकड्रिल के दौरान आम लोगों में किसी तरह की घबराहट न फैले, इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।

बैठक में नागरिक सुरक्षा विभाग के महानिदेशक डॉ. परेश सक्सेना ने बताया कि पिछली बार बेगूसराय जिले ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। उन्होंने अन्य जिलों से भी उसी स्तर की तैयारी करने की अपील की।

उन्होंने मॉकड्रिल के सभी छह प्रमुख चरणों की जानकारी देते हुए कहा कि इसमें स्कूल, कॉलेज, मेडिकल स्टोर और सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

इस बैठक में नागरिक सुरक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस महानिरीक्षक सहित सभी छह जिलों के डीएम और एसपी मौजूद रहे।