केरल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने यूडीएफ (कांग्रेस नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) की जीत का भरोसा जताया है। उनके अनुसार, 140 सीटों वाली केरल विधानसभा में यूडीएफ को 85 से 100 सीटें मिल सकती हैं।

भाजपा को मामूली खिलाड़ी बताया

पीटीआई को दिए इंटरव्यू में थरूर ने कहा कि राज्य में असली मुकाबला यूडीएफ और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के बीच है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा का केरल में कोई निर्णायक प्रभाव नहीं है। थरूर ने कहा, “भाजपा एक जीरो सीट वाली पार्टी है। अगर वे एक-दो सीटें जीतते हैं, तो उन्हें गर्व होगा। लेकिन वे सरकार बनाने में कभी किंगमेकर नहीं बन सकते।”

थरूर ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत रूप से वह मुख्यमंत्री का चेहरा चुनाव से पहले पेश करने के पक्ष में हैं, लेकिन केरल में कांग्रेस हमेशा पार्टी एजेंडा और चिन्ह पर चुनाव लड़ती है, न कि किसी एक चेहरे के सहारे।

मुकाबला कड़ा, लेकिन भाजपा खतरा नहीं

थरूर ने माना कि चुनाव में हर सीट और हर वोट महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “हम भाजपा को नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं, लेकिन इसे सरकार के लिए खतरा नहीं मानते। वे केवल अपनी सीटें बढ़ाने तक ही सीमित रहेंगे।”

यूडीएफ की संभावित जीत

थरूर ने यूडीएफ की जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि 140 सीटों वाली विधानसभा में 85 से 100 सीटें मिलना पर्याप्त होगा। उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा, “यूडीएफ एलडीएफ को मुश्किल पिच पर गूगली फेंक रहा है और हम उन्हें वहां फंसा सकते हैं।”

2021 के विधानसभा चुनाव में, एलडीएफ ने 99 सीटें जीतकर सत्ता बनाए रखी थी, जबकि यूडीएफ को केवल 41 सीटें मिली थीं और भाजपा का खाता नहीं खुला था। हालांकि, हाल के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने त्रिशूर सीट से सुरेश गोपी की जीत के साथ एक सीट जरूर जीती थी।