नई दिल्ली। सरकार ने शनिवार को डीजल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी करते हुए इसे 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर यह शुल्क बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर बताया कि नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के बीच संतुलन बनाए रखना है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि निर्यातकों को अतिरिक्त मुनाफा कमाने से रोका जा सके।
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बदलाव का असर देश के भीतर पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर नहीं पड़ेगा।
पिछली दरें क्या थीं
इससे पहले 26 मार्च को सरकार ने डीजल पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लागू किया था। उस समय भी उद्देश्य घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देना और निर्यात लाभ को नियंत्रित करना था।
वैश्विक हालात और ऊर्जा बाजार
पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष और तनाव के चलते वैश्विक कच्चे तेल बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर असर पड़ा है, हालांकि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही राज्य सरकारों को भी सही और समय पर जानकारी साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
घरेलू आपूर्ति पर स्थिति
एलपीजी और पेट्रोलियम आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। हाल ही में 51.5 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे देश में ईंधन की आपूर्ति सुचारु बनी हुई है।