केरल में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है और चुनावी माहौल तेज़ हो गया है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि केरल के लोग अब बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने राज्य में यूडीएफ की सरकार बनाने की वकालत की।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "टीम यूडीएफ ही टीम केरलम है।" उन्होंने कहा कि हर उम्मीदवार केरल के लोगों की उम्मीदों, भरोसे और आवाज़ को सामने रखता है। इस टीम में अनुभवी नेता और युवा चेहरे दोनों शामिल हैं, जो राज्य की समस्याओं और जनता की जरूरतों को अच्छी तरह समझते हैं।

वायनाड से राहुल गांधी का खास लगाव

वायनाड के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने केरल के प्रति अपने लगाव का जिक्र करते हुए कहा, "केरलम मेरे लिए घर की तरह है और वहां के लोग मेरा परिवार हैं। केरल के लोगों ने मुझे जो प्यार और अपनापन दिया है, उसके लिए मैं हमेशा उनका कर्जदार रहूंगा। मैं हमेशा आपका साथी बनकर रहूंगा।"

बदलाव की मांग और यूडीएफ का संदेश

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि केरल से आने वाला संदेश स्पष्ट है: लोग बदलाव के लिए तैयार हैं। वे एक ऐसी सरकार चाहते हैं जो उनकी समस्याओं को सुने, समझे और ईमानदारी से काम करे। राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि वे यूडीएफ सरकार के साथ मिलकर केरल के बेहतर भविष्य के लिए काम करेंगे। उनका कहना था, "केरल जीतेगा और यूडीएफ नेतृत्व करेगा।"

राहुल गांधी का यह संदेश कांग्रेस द्वारा 92 उम्मीदवारों की सूची जारी होने के एक दिन बाद आया है। केरल में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होंगे। सत्ताधारी एलडीएफ को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है।

इस बार कांग्रेस ने किसी भी सांसद को विधानसभा चुनाव में नहीं उतारने का फैसला किया है और पार्टी ने अंदरूनी दबाव के बावजूद राज्य स्तर के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। कांग्रेस कुल 92 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि बाकी सीटें यूडीएफ के सहयोगी दलों और कुछ निर्दलीयों के लिए छोड़ी गई हैं। याद रहे कि कांग्रेस पिछले एक दशक से केरल की सत्ता से बाहर है।