कोच्चि: अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच इस महीने की शुरुआत में कोच्चि पहुंचा ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस लावन का चालक दल अब काफी हद तक अपने देश लौट चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, इस जहाज के 100 से अधिक गैर-जरूरी नाविकों को मानवीय आधार पर शुक्रवार देर रात तुर्की एयरलाइंस की फ्लाइट से ईरान भेज दिया गया।

हालांकि, युद्धपोत अभी भी दक्षिणी बंदरगाह कोच्चि पर ही ठहरा हुआ है। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि जहाज पर अब केवल लगभग 50 नाविक ही मौजूद हैं, जो संचालन और रखरखाव से जुड़े कार्य देख रहे हैं।

ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी निगरानी

जानकारी के अनुसार, यह जहाज पहले कोलंबो में ठहरा था। चार मार्च को श्रीलंका के तट के पास अमेरिका की एक पनडुब्बी ने ईरान के दूसरे युद्धपोत आईआरआईएस देना को निशाना बनाया था। इसी दिन आईआरआईएस लावन कोच्चि पहुंचा, जब हिंद महासागर में नौसैनिक टकराव की घटना सामने आई थी।

भारतीय अधिकारी सतर्क

भारतीय अधिकारी ने कहा कि कोच्चि में ईरानी युद्धपोत की मौजूदगी को बड़े ध्यान और कूटनीतिक संवेदनशीलता के साथ संभाला जा रहा है। सुरक्षा और समुद्री नियमों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह युद्धपोत भारतीय जल क्षेत्र से कब रवाना होगा, लेकिन सभी संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं

बैकग्राउंड

सूत्रों के अनुसार, जहाज पर शुरू में कुल 183 नाविक थे। गैर-जरूरी नाविकों को लौटाने के बाद अब केवल संचालन और रखरखाव से जुड़े करीब 50 नाविक ही जहाज पर मौजूद हैं। भारतीय अधिकारी तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव को देखते हुए इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।