पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने धरना कार्यक्रम के दूसरे दिन केंद्र सरकार और भाजपा पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर राज्य और जनता पर अत्यधिक दबाव डाला गया, तो वे दिल्ली की सत्ता को चुनौती देने से पीछे नहीं हटेंगी।

कोलकाता में आयोजित धरना स्थल से उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बंगाल की जनता को कमजोर समझने की भूल न करें। ममता बनर्जी ने यह भी याद दिलाया कि पहले भी बंगाल को वोट काटकर बांटने की कोशिश हुई थी, लेकिन जनता ने इसे सफल नहीं होने दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल के लोग लोकतंत्र की रक्षा करना जानते हैं।

केंद्र की गठबंधन राजनीति पर भी उन्होंने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दिल्ली की मौजूदा सरकार दूसरों की मदद पर टिकती है और कुछ नेताओं का शासन दूसरों की दया पर आधारित है। उन्होंने सीधे तौर पर चंद्रबाबू नायडू का नाम लिया और कहा कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो वह दिल्ली की सत्ता को चुनौती देने से नहीं हिचकेंगी।

राज्यपाल के बदलाव को लेकर भी मुख्यमंत्री ने संकेत दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि राज्यपाल को क्यों हटाया गया, लेकिन फिलहाल इस पर अधिक टिप्पणी नहीं करेंगे। इतना जरूर कहा कि राज्यपाल को धमकी दी गई थी।

धरना स्थल से ममता बनर्जी ने महंगाई और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि आगामी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वे काली साड़ी पहनकर और बर्तनों के साथ सड़कों पर उतरें और गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध जताएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है, लेकिन केंद्र सरकार इस पर ठोस कदम नहीं उठा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल में राजनीतिक फायदा उठाने के लिए माहौल को बांटने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता इसे सफल नहीं होने देगी।