कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला किया और दावा किया कि मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद के निर्माण के पीछे उनकी भूमिका है। शाह ने ममता पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और विवादास्पद निर्माण को मंजूरी देने के आरोप लगाए।

शाह ने कहा कि निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर और ममता बनर्जी एक ही रणनीति में शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्री यह बयान दक्षिण 24 परगना जिले के मथुरापुर में भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ की शुरुआत से पहले रैली में दे रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर को पार्टी से बाहर करके ममता ने बाबरी मस्जिद का निर्माण करवाने की साजिश रची, ताकि हिंदू मतदाता नाराज न हों। शाह ने चेतावनी दी, “बंगाल के हिंदू और मुसलमान दोनों आपको पहचान चुके हैं, इस बार आपकी विदाई तय है।”

भाजपा का आरोप: बंगाल में घुसपैठ और वोट बैंक राजनीति
शाह ने कहा कि ममता बनर्जी वोट बैंक की राजनीति के तहत बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि ममता सिर्फ तुष्टीकरण में लगी हैं और राज्य के विकास में कोई रुचि नहीं दिखातीं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से पहले ममता मंदिरों के उद्घाटन और शिलान्यास में व्यस्त हैं। हालांकि शाह ने कहा कि वह मंदिर बनने का स्वागत करते हैं, लेकिन सवाल यह है कि इसका राजनीतिक लाभ ममता क्यों लेना चाहती हैं।

घुसपैठियों की कटौती पर नाराजगी और भविष्य की चेतावनी
अमित शाह ने कहा कि मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाए जाने के बाद ममता को चिंता हो रही है। उन्होंने दोहराया कि भाजपा की सरकार बनने पर हर घुसपैठिए को बंगाल से बाहर निकाला जाएगा। शाह ने ममता पर अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाने की योजना का भी आरोप लगाया।

भ्रष्टाचार और कर्ज का मुद्दा
शाह ने टीएमसी सरकार के भ्रष्टाचार के कई मामलों का उल्लेख किया, जिसमें शिक्षक भर्ती घोटाला, नगर निगम भर्ती घोटाला, गाय तस्करी, राशन घोटाला, मनरेगा और पीएम आवास घोटाले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व डीजीपी राजीव कुमार को राज्यसभा भेजकर ममता भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण दे रही हैं। इसके अलावा शाह ने बंगाल के आठ लाख करोड़ रुपये कर्ज में डूबने का जिक्र करते हुए राज्य के कर्मचारियों के वेतन आयोग मुद्दे को भी उठाया।

भाजपा परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी
इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं—गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के पांच अलग-अलग स्थानों से विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाई।