अहमदाबाद में एक ऑनलाइन मैट्रिमोनियल पोर्टल के जरिए महिलाओं को कथित तौर पर धोखा देने के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपी करीम रफीकभाई सिपाही को गिरफ्तार किया है, जिस पर फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाने का आरोप है। जांच एजेंसियों को उसके लैपटॉप और मोबाइल से बड़ी मात्रा में फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री मिली है।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर कथित रूप से "आदित्य" नाम से प्रोफाइल बनाकर खुद को आईटी इंजीनियर और कारोबारी बताया था। आरोप है कि वह विशेष रूप से तलाकशुदा और विधवा महिलाओं से संपर्क कर उनके साथ विश्वास का संबंध स्थापित करता था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने खुद को निसंतान विधुर बताकर कई महिलाओं को गुमराह किया, जबकि उसकी पत्नी और एक बेटा मौजूद हैं।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के लैपटॉप से करीब 100 महिलाओं से जुड़ी हजारों तस्वीरें और वीडियो बरामद हुए हैं। इन डिजिटल रिकॉर्ड्स की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था। पुलिस को आरोपी के पास से कथित रूप से फर्जी पहचान संबंधी दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी वैधता की जांच जारी है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब एक महिला ने पुलिस को सूचना दी कि मैट्रिमोनियल पोर्टल पर "आदित्य" नाम से संपर्क करने वाले व्यक्ति की पहचान संदिग्ध है। महिला के अनुसार, बातचीत के दौरान आरोपी ने आर्थिक सहायता की मांग की थी। संदेह होने पर महिला ने मोबाइल नंबर की जांच की, जिसके बाद उसकी वास्तविक पहचान सामने आई। इसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया।

जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे। पुलिस वित्तीय लेनदेन, डिजिटल गतिविधियों और कथित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़ित महिलाओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है। फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।