उत्तर भारत की सबसे कठिन और आस्था से जुड़ी यात्राओं में शामिल श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा इस वर्ष 10 जुलाई से 23 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को निरमंड समिति सभागार में श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट की अहम बैठक आयोजित हुई।
बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं कुल्लू के उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। इस दौरान ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य एवं प्रदेश मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, ट्रस्ट सदस्य गोविंद प्रसाद शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष यात्रा का आधिकारिक संचालन 10 जुलाई से 23 जुलाई तक किया जाएगा।
यात्रा के सुचारु संचालन के लिए विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व, वन विभाग और बचाव दलों की विशेष तैनाती सुनिश्चित की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
एसडीएम निरमंड डॉ. जगदीप सिंह राठौर ने जानकारी दी कि इस बार यात्रा को छह सेक्टरों में विभाजित किया गया है। बागीपुल से जाओं मार्ग के बीच सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे, जबकि सिंहगाड़, थाचडू, कुनशा, भीम डवारी और पार्वती बाग में बेस कैंप स्थापित होंगे।
हर सेक्टर में सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस, पर्वतारोहण दल, जल शक्ति, लोक निर्माण, वन विभाग और अन्य टीमें तैनात रहेंगी। आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए एसडीआरएफ के 18 जवान और अविमास के 24 बचाव कर्मी भी यात्रा मार्ग पर तैनात रहेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल शुरू किया जाएगा, साथ ही सीमित संख्या में ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था भी रहेगी। पोर्टल जल्द ही आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
बैठक में तहसीलदार निरमंड रजत शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद शर्मा, जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता किशोर कुमार, डीएफओ चमन राव, सहायक अभियंता राकेश नेगी, बीडीओ नरेश कुमार और कार्यकारी बीएमओ प्रदीप नेगी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।