ओडिशा में लंबे समय से फरार चल रहे मोस्ट वांटेड माओवादी कमांडर सुकरु उर्फ कोषा सोढ़ी ने मंगलवार को अपने चार साथियों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने इसकी पुष्टि की।

सूत्रों के अनुसार, सुकरु के सिर पर 55 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के समय उनके पास एक AK-47 राइफल भी थी। पुलिस ने बताया कि पांचों माओवादी अब हिरासत में हैं और कल एक सार्वजनिक कार्यक्रम में औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण की घोषणा करेंगे।

49 वर्षीय सुकरु मलकानगिरी जिले के मूल निवासी हैं और प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के राज्य समिति के सदस्य रहे हैं। उन्हें ओडिशा में सबसे वरिष्ठ सक्रिय माओवादी कमांडरों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में कंधमाल जिले में सक्रिय एक छोटा माओवादी समूह काम करता था।

पुलिस के मुताबिक, सुकरु ने इस साल जनवरी में अपने जूनियर माओवादी अन्वेष की हत्या भी करवाई थी, जिसने हथियार छोड़ने की इच्छा जताई थी। अन्वेष का शव जंगल में उनके साथियों शिला और जोगेश की मदद से दफनाया गया था। आत्मसमर्पण से माओवादी गतिविधियों पर बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।