चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले एआईएडीएमके ने अपना घोषणा पत्र जारी कर बड़ा चुनावी दांव खेला है। पार्टी ने अपने 297 वादों में खास तौर पर महिलाओं, युवाओं और मध्यम वर्ग के लिए आर्थिक और सामाजिक राहत देने के वादे किए हैं।
पार्टी महासचिव एडप्पडी पलानीस्वामी ने कहा कि यह घोषणा पत्र समाज के हर वर्ग के सुझावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों पर राहत देने का जोर दिया गया है।
प्रमुख चुनावी वादे
- हर परिवार को 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता।
- महिलाओं को हर महीने 2,000 रुपये की सहायता।
- हर साल तीन मुफ्त गैस सिलिंडर।
- राशन कार्ड वाली महिला मुखिया को मुफ्त फ्रिज।
- चावल के साथ 1 किलो दाल और 1 लीटर कुकिंग ऑयल मुफ्त।
- कामकाजी महिलाओं को अम्मा स्कीम के तहत 25,000 रुपये सब्सिडी पर स्कूटर।
- शहरों में पुरुषों को मुफ्त बस यात्रा।
- बुजुर्गों की पेंशन बढ़ाकर 2,000 रुपये।
- बेघर परिवारों को अम्मा फ्री हाउस योजना के तहत पक्का घर।
- बेरोजगार ग्रेजुएट्स को 2,000 रुपये मासिक भत्ता।
- युवाओं को 25 लाख रुपये तक का लोन नए बिजनेस के लिए।
- रोजगार में तमिलों को प्राथमिकता देने के लिए कानून।
- ग्रामीण रोजगार योजना को 150 दिन तक बढ़ाना।
- 10 साल से काम कर रही नर्सों को स्थायी करना।
- शराब की दुकानों को धीरे-धीरे बंद करना।
महिलाओं और गरीबों के लिए खास फायदे
घोषणा पत्र में महिलाओं के लिए कई विशेष प्रावधान शामिल हैं। राशन कार्ड वाली परिवार की महिला मुखिया को मुफ्त फ्रिज मिलेगा। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं को ‘अम्मा’ स्कीम के तहत सब्सिडी पर दोपहिया वाहन उपलब्ध कराया जाएगा।
गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लिए राशन में अतिरिक्त राहत, बुजुर्गों की पेंशन में बढ़ोतरी और बेघर परिवारों के लिए मुफ्त पक्के घर का वादा किया गया है।
युवाओं और रोजगार पर फोकस
युवाओं के लिए व्यवसाय शुरू करने पर 25 लाख रुपये तक का लोन, बेरोजगार ग्रेजुएट्स को 2,000 रुपये मासिक भत्ता और रोजगार में तमिलों को प्राथमिकता देने के लिए कानून बनाने की योजना है।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
- शहरों में पुरुषों को मुफ्त बस यात्रा।
- ग्रामीण रोजगार योजना को 150 दिन तक बढ़ाना।
- लंबे समय से काम कर रही नर्सों को स्थायी करना।
- शराब की दुकानों को धीरे-धीरे बंद करना।
पार्टी का उद्देश्य महंगाई और बेरोजगारी से राहत देना, महिलाओं और गरीबों को सशक्त बनाना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।