ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी की मौत की खबर ने मध्य पूर्व में खलबली मचा दी है। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में तंगसीरी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में मारे गए।

हालांकि, ईरान की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इजरायली सेना भी इस हमले पर मौन है।

तंगसीरी की भूमिका और जिम्मेदारी

अलीरेजा तंगसीरी 2018 से आईआरजीसी नौसेना के कमांडर थे और ईरान की नौसैनिक रणनीति के मुख्य चेहरे माने जाते थे। उनका नाम खासकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने की धमकी और उसकी योजना से जुड़ा रहा है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है, जिससे दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल निर्यात करता है।

ईरान की समुद्री ताकत पर असर

तंगसीरी अक्सर सार्वजनिक रूप से कहते रहे कि जरूरत पड़ने पर ईरान इस जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की समुद्री क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे उन उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारियों में शामिल थे, जिन पर अब तक कोई बड़ा हमला नहीं हुआ था।

अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाइयों में तेजी देखी जा रही है। बंदर अब्बास ईरान का रणनीतिक महत्व वाला बंदरगाह है, जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है और आईआरजीसी नौसेना के संचालन का केंद्र माना जाता है। इजरायली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तंगसीरी इसी हमले में शहीद हुए, लेकिन दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।