नई दिल्ली। देश की विकास यात्रा को और तेज करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 1,74,207 करोड़ रुपये की पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें जयपुर मेट्रो फेज-2, किसानों के लिए खाद सब्सिडी, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी, और अरुणाचल प्रदेश में दो बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

जयपुर मेट्रो फेज-2: शहर के ट्रांसपोर्ट का नया चेहरा

जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण को 13,038 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई है। यह 41 किलोमीटर लंबा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर होगा, जिसमें 36 स्टेशन बनेंगे। यह रूट प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक जाएगा और एयरपोर्ट, सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टोंक रोड और एसएमएस अस्पताल जैसी जगहों से कनेक्ट करेगा।

मुख्य लाभ:

  • ट्रैफिक जाम में कमी और प्रदूषण घटेगा
  • रोजाना यात्रियों की संख्या में इजाफा
  • तेज, सस्ता और आसान सफर
  • 2031 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य

खाद सब्सिडी: खरीफ 2026 में किसानों को राहत

कृषि क्षेत्र में मदद के लिए सरकार ने 41,534 करोड़ रुपये की न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी मंजूर की है। यह डीएपी और एनपीके जैसे उर्वरकों पर लागू होगी। इसका मकसद किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराना और खेती की लागत कम करना है।

मुख्य लाभ:

  • डीएपी, एनपीके और अन्य उर्वरक शामिल
  • किसानों को कम कीमत पर खाद उपलब्ध
  • उत्पादन बढ़ाने और खेती को बढ़ावा

एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी: ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी पहल

राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में बनने वाली एचपीसीएल रिफाइनरी की लागत 79,459 करोड़ रुपये तय की गई है। यह परियोजना पेट्रोल, डीजल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार करेगी।

मुख्य लाभ:

  • आयात पर निर्भरता में कमी
  • करीब 25,000 लोगों को रोजगार
  • 2026 से संचालन की उम्मीद
  • ऊर्जा क्षेत्र और औद्योगिक विकास को बढ़ावा

कमला हाइड्रो प्रोजेक्ट: अरुणाचल प्रदेश में 1720 मेगावाट क्षमता

26,070 करोड़ रुपये की इस परियोजना से बिजली उत्पादन के साथ-साथ बाढ़ नियंत्रण और राष्ट्रीय ग्रिड को संतुलित करने में मदद मिलेगी।

मुख्य लाभ:

  • 12% मुफ्त बिजली राज्य को
  • सड़क, पुल, अस्पताल जैसी स्थानीय सुविधाओं का विकास
  • रोजगार और आर्थिक विकास

कलाई-II हाइड्रो प्रोजेक्ट: लोहित नदी पर बड़ी परियोजना

अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में बनने वाली यह परियोजना 1200 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगी। लागत 14,106 करोड़ रुपये है।

मुख्य लाभ:

  • लोहित नदी पर पहली बड़ी हाइड्रो परियोजना
  • सड़क, पुल और ट्रांसमिशन लाइन का विकास
  • स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और मुआवजा
  • राज्य को मुफ्त बिजली का हिस्सा

इस फैसले से न सिर्फ शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों और स्थानीय लोगों को भी सीधे लाभ पहुंचेगा।