संसद के बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार हंगामे के कारण लोकसभा में अपना प्रस्तावित संबोधन पेश नहीं कर पाए। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सच्चाई का सामना करने से डर रहे हैं। उन्होंने इस दावे को मजबूत करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर वीडियो भी साझा किया।

राहुल गांधी के बयान और वीडियो का संदर्भ
राहुल गांधी ने X पर पोस्ट में लिखा कि जैसा उन्होंने पहले कहा था, पीएम मोदी लोकसभा में नहीं आएंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री डर के कारण सदन से दूर हैं। वीडियो में राहुल गांधी दोपहर के समय कहते दिख रहे हैं कि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री उपस्थित नहीं होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि पीएम आते तो वह उन्हें एक किताब भेंट करते और उस पर चर्चा की मांग करते।

संबोधन क्यों नहीं हो सका

प्रधानमंत्री का संबोधन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब के लिए तय था। लेकिन सदन में लगातार हंगामा जारी रहने के कारण कार्यवाही बाधित रही। पीठासीन सभापति संध्या राय ने सदन को सुचारू रूप से चलाने की अपील की, लेकिन शोर-शराबे के बीच प्रधानमंत्री अपना वक्तव्य पेश नहीं कर पाए।

राहुल गांधी द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली किताब
राहुल गांधी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री को पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब देना चाहते थे। उन्होंने बताया कि यह किताब किसी विपक्षी या विदेशी लेखक की नहीं, बल्कि देश के पूर्व सेना प्रमुख की है। राहुल गांधी के अनुसार, किताब में उल्लेख है कि जब चीन की सेना सीमा में घुसी थी, तब सेना प्रमुख को इंतजार कराया गया और निर्णय लेने की जिम्मेदारी राजनीतिक नेतृत्व ने सेना पर छोड़ दी।

गांधी ने आरोप लगाया कि यही मुद्दे वह संसद में उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने से रोका गया और सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों पर जवाब देने से बच रही है।