नई दिल्ली: बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 6062 शब्दों का यह अभिभाषण तैयार किया गया है, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर इसका कोई ज़िक्र नहीं है।

खरगे के मुख्य बिंदु

विपक्ष नेता ने पांच प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान आकर्षित किया:

  1. सामाजिक न्याय और सामाजिक सद्भाव – खरगे ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने सामाजिक न्याय के मूल ढांचे को कमजोर किया है और संविधान में महिलाओं तथा अल्पसंख्यकों को मिलने वाले अधिकारों को प्रभावित किया है।

  2. संसदीय लोकतंत्र पर हमले – उन्होंने अभिभाषण में लोकतंत्र के सशक्त पक्षों और कार्यपालिका पर किसी आलोचनात्मक टिप्पणी की कमी को बताया।

  3. अर्थव्यवस्था और आम लोगों की परेशानियाँ – किसानों और मजदूरों की कठिनाइयों पर सरकार की नीतियों की आलोचना की।

  4. विदेश नीति की खामियां – खरगे ने बताया कि सरकार ने विदेशी मामलों में पर्याप्त समय और ध्यान नहीं दिया।

  5. महिला सशक्तिकरण – उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में महिलाओं के मुद्दे का ज़िक्र तो किया गया है, लेकिन वास्तविकता में महिलाएं केवल राजनीतिक वोट बैंक के रूप में रह गई हैं।

सरकार की प्राथमिकताएँ और विदेश दौरों पर टिप्पणी

खरगे ने सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए प्रधानमंत्री और मंत्रियों ने देश की भलाई के लिए अपेक्षित समय कम दिया और अधिकांश समय विदेश दौरों में व्यतीत किया। उन्होंने सदन में जोर देकर कहा कि यह समय देश के महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान में लगना चाहिए था।