प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान और गुजरात के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे महिलाओं के स्वास्थ्य, युवाओं के रोजगार और भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता से जुड़ी कई प्रमुख परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे।
राजस्थान में 16,680 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
प्रधानमंत्री सुबह 11:30 बजे अजमेर पहुंचेंगे और 16,680 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएँ शहरी विकास, सड़क नेटवर्क, स्वच्छ पेयजल, सिंचाई, ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचे से संबंधित हैं। इसके अलावा पीएम एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
महिलाओं के स्वास्थ्य में ऐतिहासिक पहल
अजमेर से प्रधानमंत्री 14 साल की लड़कियों के लिए HPV वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत करेंगे। इसका उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर को रोकना है, जो महिलाओं में कैंसर से जुड़ी बीमारियों के मुख्य कारणों में से एक है। यह पहल लड़कियों और महिलाओं की लंबी अवधि तक स्वास्थ्य सुरक्षा में मील का पत्थर साबित होगी।
सड़क, बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री कई नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे, जिनमें शामिल हैं:
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जयपुर-बांदीकुई 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
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अमृतसर-जामनगर इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा
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दिल्ली-वडोदरा 8-लेन एक्सप्रेसवे
इसके अलावा जोधपुर में 4-लेन एलिवेटेड रोड और बारां जिले में नया स्टेट हाईवे भी शिलान्यास होगा।
पेयजल और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार
प्रधानमंत्री नोनेरा और परवन अकवाड़ पेयजल परियोजनाओं की नींव रखेंगे। राजस्थान को रिन्यूएबल एनर्जी हब बनाने के लिए वे नए ट्रांसमिशन सिस्टम और 5 220 केवी तथा 2 400 केवी ग्रिड सबस्टेशन का शिलान्यास करेंगे, जिससे बिजली आपूर्ति में सुधार होगा।
युवाओं को रोजगार के अवसर
रोजगार के क्षेत्र में पीएम राजस्थान के सरकारी विभागों में चयनित 21,800 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे। यह कदम युवाओं को सशक्त बनाने और उनकी सरकारी नौकरी में आसान पहुंच सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
गुजरात में सेमीकंडक्टर क्रांति
दोपहर 3:45 बजे प्रधानमंत्री साणंद, गुजरात पहुंचेंगे और माइक्रोन कंपनी की सेमीकंडक्टर एटीएमपी फैसिलिटी का उद्घाटन करेंगे। यह भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का पहला प्रोजेक्ट है, जिसकी लागत 22,500 करोड़ रुपये से अधिक है।
यह प्लांट भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। यहां ‘मेड-इन-इंडिया’ मेमोरी मॉड्यूल का उत्पादन होगा, जो दुनिया भर में भेजे जाएंगे। पांच लाख स्क्वायर फीट में फैली यह फैसिलिटी एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करेगी।