कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर के आरएसएस पर दिए बयान ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। टैगोर ने आरएसएस की तुलना अल-कायदा से करते हुए इसे नफरत फैलाने वाला संगठन बताया। इस बयान के बाद आरएसएस और वीएचपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।

आरएसएस के इंद्रेश कुमार ने कहा कि संगठन अपने 100वें वर्ष में देश की मजबूती और समाज से छुआछूत, धार्मिक कट्टरता व जबरन धर्मांतरण हटाने का काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि लगातार हार से निराश कांग्रेस नेता हताशा में ऐसे बयान दे रहे हैं और आरएसएस की तुलना अल-कायदा से करना कांग्रेस नेतृत्व की बौद्धिक कमजोरी को दर्शाता है।

वहीं, वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि यह देश विरोधियों का गिरोह है। बंसल ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास आतंकवादियों और चरमपंथियों का समर्थन करने वाला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में यदि कोई नेता आरएसएस के बारे में सकारात्मक टिप्पणी करता है, तो उसे पार्टी के अन्य लोग रोक देते हैं। बंसल ने कांग्रेस को परिवारवादी पार्टी भी करार दिया।

इस विवाद का बीज तब बोया गया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आरएसएस की संगठनात्मक क्षमता की तारीफ करते हुए एक पुरानी तस्वीर साझा की थी। बाद में दिग्विजय ने स्पष्ट किया कि उन्होंने आरएसएस की विचारधारा की नहीं, बल्कि संगठन शक्ति की बात की थी।