केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि भारत की सनातन संस्कृति और आस्था को मिटाना आसान नहीं है। उन्होंने सोमनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए बताया कि सदियों में इसे कई बार नष्ट किया गया, लेकिन हर बार पुनर्निर्मित होकर यह आज भी गर्व से खड़ा है।

अमित शाह ने कहा, “सोमनाथ मंदिर पर अतीत में 16 हमले हुए, लेकिन हमलावर नष्ट हो गए और मंदिर आज भी अपनी गरिमा के साथ मौजूद है। यह संदेश देता है कि भारत की आस्था सूरज और चांद की तरह शाश्वत और अमर है।”

गृह मंत्री गुजरात दौरे पर हैं। मंगलवार को उन्होंने गांधीनगर में 267 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, विश्वास और गर्व का प्रतीक है।

उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर पर हुए हमले केवल ईंट-पत्थर पर हमला नहीं थे, बल्कि यह हमारी आस्था और आत्मसम्मान पर हमला था। गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि इन घटनाओं का जवाब हिंसा से नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान और दृढ़ विश्वास से दिया जाता है।

इससे पहले 11 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का शुभारंभ किया था। यह पर्व महमूद गजनी के मंदिर पर हमले और इसके पुनर्निर्माण के 1000 साल पूरे होने के अवसर पर मनाया जा रहा है। अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर के भव्य कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा और यह पर्व पूरे वर्ष विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से देशभर में मनाया जाएगा।

गृह मंत्री ने कहा, “सोमनाथ मंदिर पर हमला करने वाले अलाउद्दीन खिलजी, अहमद शाह, महमूद बेगड़ा और औरंगजेब जैसे हमलावर अब नहीं हैं, लेकिन मंदिर आज भी अपने गौरव के साथ खड़ा है। यह हमारी आस्था और विश्वास की शक्ति को दर्शाता है।”