पटना। कांग्रेस के पूर्व सांसद और बिहार से तीन बार विधायक रह चुके शकील अहमद ने सोमवार को दावा किया कि उनकी जान खतरे में है। यह आरोप उन्होंने राहुल गांधी को असुरक्षित नेता कहे जाने के कुछ दिनों बाद लगाया। अहमद का कहना है कि कांग्रेस के कुछ साथियों ने उन्हें गुप्त सूचना दी है कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर हमला करने का आदेश दिया है।

अहमद ने बताया कि यह हमला मंगलवार को पटना और मधुबनी में उनके घरों पर पुतला जलाने के बहाने किया जा सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस संदर्भ में एक व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें उन्हें उनके पुतले जलाने के लिए कहा गया था। अहमद ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ कदम करार दिया।

पूर्व सांसद ने दावा किया कि उनके कांग्रेस के दोस्तों ने उन्हें फोन कर बताया कि कार्यकर्ताओं को उन पर हमला करने का निर्देश मिला है। उन्होंने कहा, “मेरी राय गलत हो सकती है, लेकिन मुझे अपनी बात रखने का पूरा हक है।”

यह पहली बार नहीं है जब अहमद ने पार्टी नेतृत्व पर टिप्पणी की हो। पिछले शनिवार को उन्होंने राहुल गांधी को असुरक्षित नेता करार दिया था। उनका आरोप था कि राहुल गांधी वरिष्ठ नेताओं के सामने असहज महसूस करते हैं और केवल उन युवाओं को आगे बढ़ाते हैं जो उनकी तारीफ करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी के इस रवैये के कारण ही उन्होंने अपनी पारंपरिक सीट अमेठी खो दी थी। गौरतलब है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अहमद ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।

इस बयान पर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि इन आरोपों से राहुल गांधी की तानाशाही शैली उजागर हुई है। वहीं, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि पार्टी के आंतरिक मामलों पर खुले मंच पर बहस करना उचित नहीं है।

कांग्रेस के अन्य नेता मणिकम टैगोर ने अहमद को ‘जयचंद’ करार देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने देश को जोड़ने के लिए हजारों किलोमीटर की यात्रा की, लेकिन अहमद जैसे लोग नेताओं को बदनाम करने में लगे हैं। टैगोर ने उन्हें 2026 के जयचंद समूह का हिस्सा बताया, जो गद्दारी का प्रतीक माना जाता है।