दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को एक भावनात्मक और उल्लेखनीय अध्याय जुड़ गया, जब आउसग्राम विधानसभा क्षेत्र की विधायक कलिता माझी ने राज्य मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री पद की शपथ ली। यह विस्तार मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई भाजपा सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

कलिता माझी की राजनीतिक यात्रा संघर्ष और मेहनत की मिसाल मानी जा रही है। कभी बेहद साधारण परिस्थितियों में जीवन यापन करने वाली और घरेलू काम करके लगभग 4,000 रुपये मासिक कमाने वाली कलिता का मंत्री पद तक पहुंचना कई लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है। उनके संघर्ष की चर्चा पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर हो चुकी है।

बूथ कार्यकर्ता से मंत्री बनने तक का सफर

गुसकरा नगरपालिका के वार्ड नंबर-3 स्थित माझपुकुर पाड़ की रहने वाली कलिता माझी का बचपन आर्थिक कठिनाइयों में बीता। एक गरीब परिवार में जन्मी कलिता की शादी मंगलकोट क्षेत्र में सुब्रत माझी से हुई, जो पेशे से प्लंबर हैं। उनका बेटा हाल ही में 12वीं की परीक्षा दे चुका है।

राजनीति में आने से पहले कलिता को परिवार की जिम्मेदारियों की चिंता रहती थी, लेकिन वर्ष 2014 में उन्होंने भाजपा की बूथ कार्यकर्ता के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। परिवार, खासकर पति और सास के सहयोग से वह धीरे-धीरे पार्टी गतिविधियों में सक्रिय होती गईं।

दिन में घरेलू काम और शाम को राजनीतिक गतिविधियों के बीच उन्होंने लगातार जनता से जुड़ाव बनाए रखा। इसी मेहनत के दम पर वह नगर स्तर से लेकर जिला संगठन तक पहुंचीं।

चुनावी संघर्ष और बड़ी जीत

2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें आउसग्राम सीट से उम्मीदवार बनाया, लेकिन उस समय उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने राजनीति नहीं छोड़ी और लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहीं।

2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और इस बार उन्होंने तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार को बड़े अंतर से पराजित कर जीत हासिल की।

मंत्री पद की शपथ और संकल्प

चुनाव जीतने के बाद कलिता माझी ने मंत्री पद की शपथ ली और अपनी सफलता का श्रेय पार्टी नेतृत्व को देते हुए इसे जनता और संगठन के समर्थन का परिणाम बताया। उन्होंने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया।

मंत्री बनने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र के विकास कार्य होंगे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी रही है और अब उनका फोकस पेयजल, सड़क, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर रहेगा।

कलिता माझी ने विशेष रूप से आउसग्राम में एक बेहतर अस्पताल की स्थापना को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया, ताकि लोगों को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े।

पूरे राज्य के विकास पर फोकस

राज्यमंत्री के रूप में उन्होंने कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल के विकास और कल्याण से जुड़ी हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

शपथ के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि वे विधायक बनेंगी, और मंत्री पद मिलना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा है।