जमुई (बिहार)। जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड से एक अनोखा विवाह सामने आया है, जो स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां BPSC के माध्यम से चयनित एक शिक्षिका ने जेंडर ट्रांजिशन पूरा कर चुके अपने साथी के साथ पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह कर लिया।

जानकारी के अनुसार, हरला गांव निवासी नैन्सी कुमारी वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय मेदनीपुर में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। बताया जाता है कि उनकी करीबी रिश्तेदार राखी कुमारी (अब राहुल) के साथ बचपन से ही गहरी दोस्ती रही है। दोनों ने साथ पढ़ाई की और शिक्षा के विभिन्न चरणों में भी एक-दूसरे के संपर्क में बने रहे।

पढ़ाई से लेकर साथ तैयारी तक का सफर

स्थानीय लोगों के अनुसार, उच्च शिक्षा के दौरान दोनों की नजदीकियां और बढ़ीं। वर्ष 2023 में दोनों पटना जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने लगे। इसी बीच वर्ष 2025 में नैन्सी का चयन शिक्षक भर्ती परीक्षा के माध्यम से सरकारी सेवा में हो गया।

इसी दौरान राखी कुमारी ने जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया पूरी कर ली और अपना नाम बदलकर राहुल रख लिया। इस प्रक्रिया में लगभग छह महीने का समय लगा, ऐसा स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है।

मंदिर में लिए सात फेरे

दोनों ने अपने रिश्ते को सामाजिक मान्यता देने का निर्णय लेते हुए 31 मई को लक्ष्मीपुर प्रखंड स्थित पटेश्वर नाथ मंदिर में विवाह कर लिया। यह विवाह बेहद सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें कुछ ही लोग शामिल हुए।

शादी के बाद नवविवाहित जोड़ा राहुल के पैतृक गांव पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया गया। विवाह से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।

परिवार की प्रतिक्रिया और पुलिस का रुख

राहुल के परिवार का कहना है कि उन्हें इस विवाह की पहले से जानकारी नहीं थी और उन्हें बाद में इसकी सूचना मिली। वहीं, दोनों के बालिग होने के कारण पुलिस ने इसे व्यक्तिगत निर्णय का मामला माना है।