कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस “गुजरात मॉडल” को विकास का उदाहरण बताया जाता है, वह मोरबी जैसी घटनाओं के बाद सवालों के घेरे में है, जबकि कर्नाटक का “कल्याणकारी मॉडल” ज्यादा प्रभावी और जनहितकारी साबित हो रहा है।
तुमकुरु में आयोजित ‘कर्नाटक विकास की ओर’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गारंटी योजनाओं को लागू किया है, साथ ही बड़े पैमाने पर विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाया है।
मोरबी घटना का जिक्र कर भाजपा पर निशाना
मुख्यमंत्री ने मोरबी घटना का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक तनाव जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सरकार विकास के दावों पर जोर दे रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात में हाल ही में हुई एक घटना ने सिस्टम की कमजोरियों को उजागर किया है और इसे “गुजरात मॉडल” की विफलता के रूप में देखा जाना चाहिए।
विकास और जमीन आवंटन पर आरोप
सिद्धारमैया ने दावा किया कि गुजरात में बड़ी कंपनियों को बेहद कम दरों पर जमीनें दी गई हैं, जिससे आम जनता को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का फोकस सीधे जनता तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
भाजपा सरकार पर हमले
मुख्यमंत्री ने 2019 से 2023 के बीच कर्नाटक में रही भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा और उस पर विकास कार्यों को कमजोर करने तथा समाज में विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
उन्होंने केंद्र सरकार पर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि महंगाई आम जनता पर भारी पड़ रही है।
कल्याण योजनाओं का दावा
सिद्धारमैया ने अपनी सरकार की प्रमुख गारंटी योजनाओं का विवरण देते हुए बताया कि अब तक लगभग 1,40,233 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इनमें गृह लक्ष्मी, गृह ज्योति, अन्न भाग्य, शक्ति और युवा निधि जैसी योजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया कि इन योजनाओं में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार या बिचौलियों की भूमिका नहीं है और लाभ सीधे जनता तक पहुंच रहा है।