राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना आदर्श आचार संहिता की भावना के खिलाफ है।
जयराम रमेश ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि खरगे ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनाव प्रचार के दौरान संसद का विशेष सत्र आयोजित करना निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की मांग है कि सर्वदलीय बैठक 29 अप्रैल के बाद ही बुलाई जाए।
विशेष सत्र को लेकर सरकार की तैयारी
दरअसल, सरकार ने अगले सप्ताह संसद का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक पर चर्चा और उसे पारित करने की योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर इस विधेयक पर सर्वसम्मति बनाने की अपील की है, ताकि 2029 के आम चुनाव से पहले इसे लागू किया जा सके।
कांग्रेस का सरकार पर पलटवार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री के पत्र के जवाब में सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला सशक्तिकरण के बजाय राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से इस विधेयक को आगे बढ़ा रही है।
खरगे ने यह भी कहा कि विशेष सत्र बुलाने से पहले विपक्ष को विश्वास में नहीं लिया गया और परिसीमन जैसे अहम मुद्दों पर कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई है।
उन्होंने सुझाव दिया कि अगर सरकार वास्तव में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करना चाहती है, तो 29 अप्रैल के बाद सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाए, जिसमें परिसीमन और संबंधित संवैधानिक संशोधनों पर विस्तार से चर्चा हो सके।