हरिद्वार में रविवार को गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से सप्तऋषि घाट और कबीर कुटीर क्षेत्र में बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया। पानी के तेज बहाव के कारण बीच में बने टापू पर फंसे श्रद्धालुओं को प्रशासन और पुलिस की तत्परता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। संयुक्त रेस्क्यू अभियान में कुल 21 लोगों की जान बचाई गई, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने बताया कि सुबह करीब 10:40 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि सप्तऋषि घाट क्षेत्र में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण कुछ लोग टापू पर फंस गए हैं। सूचना मिलते ही जल पुलिस, पीएसी, फ्लड यूनिट और आपदा प्रबंधन टीम को मौके पर रवाना किया गया।
टीमों ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू करते हुए वहां फंसे 21 लोगों को सुरक्षित निकालकर किनारे पहुंचाया।
इसी दौरान कबीर कुटीर घाट क्षेत्र में भी गंगा के बीच बने टापू पर स्नान कर रहे श्रद्धालु जलस्तर बढ़ने के कारण फंस गए। तेज बहाव के चलते वे सुरक्षित बाहर नहीं निकल पा रहे थे। मौके पर पहुंची सप्तऋषि चौकी पुलिस, चेतक टीम और जल पुलिस ने नावों और रेस्क्यू उपकरणों की मदद से सभी को बाहर निकाला।
इस अभियान में 10 पुरुष, 7 महिलाएं और 4 बच्चे सुरक्षित बचाए गए। सभी श्रद्धालु दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के रहने वाले बताए गए हैं। राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु गंगा में स्नान के दौरान जलस्तर और बहाव का विशेष ध्यान रखें और बीच धारा या टापू जैसे जोखिम भरे स्थानों पर जाने से बचें।