हिमाचल प्रदेश के जोगिंद्रनगर क्षेत्र में शनिवार शाम एक एचआरटीसी बस के परिचालक के साथ मारपीट की गंभीर घटना सामने आई है। थुरल से जोगिंद्रनगर की ओर जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस के परिचालक लक्की पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया, जिसमें वह घायल हो गए और उनकी वर्दी भी फट गई। यात्रियों ने बीच-बचाव कर किसी तरह उन्हें हमलावरों से बचाया। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है।
ओवरटेक विवाद से शुरू हुआ मामला
जानकारी के अनुसार, बस जब एहजू के पास पहुंची तो सामने से एक अन्य बस आने के कारण चालक को वाहन पीछे करना पड़ा। इसी दौरान पीछे आ रहे स्कूटी सवार को परिचालक ने रास्ता देने को कहा। आरोप है कि इसी बात पर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
इसके बाद स्कूटी सवार युवक ने अपने चार से पांच साथियों को मौके पर बुला लिया, जिन्होंने परिचालक पर लात-घूंसों से हमला कर दिया।
यात्रियों ने बचाई जान
हमले के दौरान बस में मौजूद यात्रियों ने हिम्मत दिखाते हुए परिचालक को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
आरोपियों में शिक्षक और चालक का बेटा शामिल
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में कुछ आरोपियों में स्थानीय विधायक की गाड़ी के चालक का बेटा और एक शिक्षक भी शामिल बताया जा रहा है। घटना के बाद एचआरटीसी कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया है।
कर्मचारी नेताओं ने प्रशासन से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
यूनियन का अल्टीमेटम
एचआरटीसी कर्मचारी महासंघ ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो प्रदेशभर में हड़ताल की जाएगी।
परिचालक का आरोप
परिचालक लक्की ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही और उन पर समझौता करने का दबाव भी बनाया गया। उन्होंने कहा कि बिना किसी गलती के उनके साथ मारपीट की गई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मनोज कुमार और अजय कुमार सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
शिमला में प्रदर्शन
घटना के विरोध में एचआरटीसी ड्राइवर-कंडक्टर यूनियन ने शिमला के पुराने बस अड्डे पर प्रदर्शन किया। यूनियन ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक संबंधित रूट पर बस सेवाएं बंद की जा सकती हैं।