भुवनेश्वर। होली से पहले मंगलवार को दोल पूर्णिमा के अवसर पर श्री जगन्नाथ धाम में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। अचानक बढ़ती भीड़ के चलते मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए।

स्थानीय दोल बेदी क्षेत्र में सबसे अधिक भीड़ देखी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर बाद अचानक श्रद्धालुओं की संख्या में तेज़ी से इज़ाफा हुआ। संकरे रास्तों और एक साथ आगे बढ़ने की कोशिश के कारण धक्का-मुक्की शुरू हो गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा।

भीड़ में दबकर कुछ श्रद्धालु गिर पड़े, जिससे चीख-पुकार मच गई। पास में मौजूद लोगों ने घायलों को उठाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की। बाद में सुरक्षा कर्मियों और स्वयंसेवकों ने स्थिति संभाली और भीड़ को व्यवस्थित किया।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और मंदिर प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर श्रद्धालुओं के मार्ग को व्यवस्थित किया गया। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया। प्रशासन का कहना है कि अब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।

दोल पूर्णिमा के दिन श्री मंदिर में विशेष पूजा और दर्शन का आकर्षण होता है, इसलिए हर साल भारी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। इस बार भी अनुमान से अधिक भीड़ आने के कारण व्यवस्था चरमरा गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान अतिरिक्त इंतजाम और बैरिकेडिंग की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।