केरल में कांग्रेस की हालिया चुनावी सफलता के बाद अब राज्य के नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर इस मुद्दे पर करीब तीन घंटे तक अहम बैठक चली, लेकिन किसी एक नाम पर अंतिम सहमति नहीं बन पाई।
बैठक में केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्नितला सहित कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। यह बैठक चुनाव परिणामों के बाद नेतृत्व तय करने के उद्देश्य से बुलाई गई थी, लेकिन लंबी चर्चा के बावजूद कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आ सका। इसके बाद यह साफ हो गया है कि अब अंतिम निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, केरल के सभी नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों ने एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर मुख्यमंत्री चयन का अधिकार पूरी तरह से आलाकमान को सौंप दिया है। एआईसीसी की केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि विधायकों ने एक लाइन के प्रस्ताव के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान ही करेगा।
इसका अर्थ है कि अब राज्य स्तर पर किसी नाम को लेकर औपचारिक विवाद या मतदान जैसी स्थिति नहीं रहेगी और फैसला सीधे दिल्ली से होगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी इस पर अंतिम निर्णय लेंगे।
पार्टी की ओर से संकेत दिए गए हैं कि सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है और मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा उचित समय पर की जाएगी। हालांकि, इसके लिए पार्टी के पास कुछ ही दिन का समय बचा है, ऐसे में जल्द ही तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
इस बीच राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच कुछ जगहों पर असंतोष और विरोध के मामले भी सामने आए हैं। पार्टी नेतृत्व ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। नेताओं ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या आंतरिक कलह को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।