गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र स्थित नवनीत विहार कॉलोनी में 11वीं कक्षा के एक छात्र की चाकू मारकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक की पहचान सूर्या चौहान के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि सूर्या पर उसके परिचित असद और उसके साथियों ने हमला किया। गंभीर रूप से घायल छात्र ने नोएडा के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

फोन कर बुलाया, फिर हुआ विवाद

मृतक के भाई यश चौहान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका परिवार मूल रूप से एटा जिले के सुखवाबाद गांव का रहने वाला है और वर्तमान में खोड़ा में रह रहा है। परिवार में मां, बहन और सूर्या साथ रहते थे, जबकि पिता कौशलेंद्र का पहले ही निधन हो चुका है। सूर्या 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था।

शिकायत के अनुसार, गुरुवार को सूर्या अपने दोस्तों विक्की और आयुष के साथ घर के पास घूम रहा था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर असद का फोन आया। आरोप है कि असद ने उसे बकरीद के मौके पर मिलने के लिए गली नंबर दो में बुलाया। इसके बाद सूर्या अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंच गया।

'क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है?'

परिजनों का आरोप है कि जब सूर्या वहां पहुंचा तो असद अपने कुछ साथियों के साथ एक केले के गोदाम के पास खड़ा था। शिकायत के मुताबिक, असद ने सूर्या से पूछा कि क्या उसने कभी बकरा हलाल होते देखा है। सूर्या ने इससे इनकार किया तो कथित तौर पर उसे साथ चलकर देखने के लिए कहा गया।

परिवार का कहना है कि सूर्या ने वहां जाने से मना कर दिया और वापस लौटने लगा। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर असद ने गाली-गलौज की और फिर चाकू निकालकर सूर्या के पेट में वार कर दिया।

पेट में चाकू लेकर भागा छात्र

परिजनों के मुताबिक, हमला होने के बाद सूर्या ने खुद को बचाने की कोशिश की और असद को धक्का देकर वहां से भाग निकला। आरोप है कि चाकू उसके पेट में ही फंसा हुआ था और वह करीब 200 मीटर तक भागता रहा।

कुछ दूरी पर जाकर सूर्या गिर पड़ा। परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने उसका पीछा किया और वहां पहुंचकर उसके पेट में फंसा चाकू निकाल लिया। इसके बाद उस पर कई बार और वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेसुध हो गया।

अस्पताल में मौत

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और सूर्या को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे नोएडा के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान शुक्रवार दोपहर उसकी मौत हो गई।

सूर्या की मौत की खबर मिलते ही परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।

हत्या का मुकदमा दर्ज

इंदिरापुरम एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि 28 मई को दोपहर करीब 3:30 बजे पुलिस को चाकूबाजी की सूचना मिली थी। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घायल छात्र को अस्पताल पहुंचाया गया।

उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिजनों की शिकायत के आधार पर जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन छात्र की मौत के बाद मुकदमे में हत्या की धाराएं जोड़ दी गई हैं।

मुख्य आरोपी की तलाश जारी

पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि मुख्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

थाने पहुंचे संगठन, कार्रवाई की मांग

घटना के बाद विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी खोड़ा थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

इलाके में पसरा सन्नाटा

नवनीत विहार की जिन गलियों में यह घटना हुई, वहां मिश्रित आबादी रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों समुदायों के परिवार लंबे समय से यहां रह रहे हैं। वारदात के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

पहले भी हो चुका था विवाद

स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब आठ महीने पहले भी सूर्या और असद के बीच विवाद हुआ था। हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। इसके बावजूद असद का क्षेत्र में आना-जाना बना हुआ था।

मां ने मांगा इंसाफ

मृतक की मां ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनके बेटे को फोन कर बुलाया गया और फिर उस पर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय चाहिए और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जानी चाहिए।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।