नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 पर सोमवार को संसद में सामान्य चर्चा शुरू होने जा रही है। यह बहस बजट सत्र का अहम हिस्सा होगी, जिसके बाद अलग-अलग मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर विस्तार से चर्चा और मतदान कराया जाएगा।

बजट पेश होने के बाद मिले संकेतों से स्पष्ट है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मुद्दे पर सदन में अपनी बात रख सकते हैं। संसदीय परंपरा के अनुसार, सामान्य चर्चा के दौरान सांसद बजट की व्यापक दिशा और प्राथमिकताओं पर अपने विचार रखते हैं, इसके बाद मंत्रालयवार समीक्षा की प्रक्रिया शुरू होती है।

सदन में रखेंगे अपनी बात

रविवार को संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने बजट पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि वह अपनी राय सदन के भीतर व्यक्त करेंगे। उनके साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं, लेकिन दोनों ने आगे कोई टिप्पणी नहीं की और परिसर से निकल गए।

बाद में राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बजट को लेकर अपनी आपत्तियां साझा कीं। उन्होंने लिखा कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, विनिर्माण क्षेत्र कमजोर हो रहा है, निवेशक पूंजी वापस ले रहे हैं और घरेलू बचत में लगातार गिरावट आ रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसान परेशान हैं और वैश्विक आर्थिक झटकों की आशंका बनी हुई है, लेकिन बजट में इन गंभीर मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उनके मुताबिक, ऐसा बजट जो जरूरी सुधारों से बचता है, देश की वास्तविक चुनौतियों को समझने में असफल रहता है।