तेल अवीव। इस्राइल ने गाजा और मिस्र को जोड़ने वाले राफाह बॉर्डर क्रॉसिंग को सीमित रूप से दोबारा शुरू करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था फिलहाल परीक्षण के तौर पर लागू की गई है, जिसके तहत चुनिंदा लोगों को ही सीमा पार करने की अनुमति दी जा रही है। पिछले वर्ष मई के बाद पहली बार यह मार्ग आंशिक रूप से खोला गया है।

इस्राइली सैन्य प्रशासनिक एजेंसी सीओजीएटी ने बताया कि यह कदम संघर्षविराम समझौते के तहत उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार से कुछ लोगों की आवाजाही शुरू हो सकती है। इसके लिए सीमा पर एक नई जांच और स्क्रीनिंग व्यवस्था भी बनाई गई है, ताकि आने-जाने वालों की कड़ी निगरानी की जा सके।

गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने कहा है कि इस फैसले से हजारों विस्थापित फलस्तीनियों को उम्मीद जगी है। कार्यालय प्रमुख इस्माइल अल-थवाब्ता के मुताबिक, करीब 80 हजार ऐसे लोग हैं जो संघर्ष के दौरान गाजा छोड़कर चले गए थे और अब अपने घर लौटना चाहते हैं।

इस बीच इस्राइल ने ‘डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ (एमएसएफ) को गाजा में काम करने से रोक दिया है। इस्राइली अधिकारियों का कहना है कि संगठन ने अपने स्थानीय कर्मचारियों से जुड़ी पूरी जानकारी साझा नहीं की थी, जो सभी मानवीय एजेंसियों के लिए अनिवार्य नियम है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार समूहों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है।

उधर, संघर्षविराम के बावजूद गाजा में हिंसा थमी नहीं है। रविवार को राफाह के उत्तर-पश्चिमी इलाके में हुए ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि मध्य गाजा के वाड़ी गाजा क्षेत्र में एक अन्य हमले में भी एक फलस्तीनी मारा गया। रिपोर्टों के अनुसार, 10 अक्तूबर से लागू युद्धविराम के बाद अब तक 500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।