अमेरिका और इस्राइल के बीच ईरान के साथ जारी तनाव को देखते हुए दो हफ्ते के लिए युद्धविराम की घोषणा की गई है, जिससे कूटनीतिक समाधान की संभावनाएँ बढ़ गई हैं। भारत ने भी इस कदम का स्वागत किया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, "हम इस युद्धविराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हम कई मौकों पर कहते रहे हैं, मौजूदा संघर्ष को समाप्त करने के लिए तनाव को कम करना, संवाद और कूटनीति अपनाना बेहद जरूरी है।"

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भारत की चिंता
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस संघर्ष ने आम लोगों को भारी पीड़ा पहुँचाई है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क को प्रभावित किया है। मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन और वैश्विक व्यापार का प्रवाह सामान्य रूप से जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले एक महीने से अधिक समय से ईरान युद्ध के कारण विश्व स्तर पर ऊर्जा संकट गहरा गया था।

ईरान में फंसे भारतीयों को तत्काल निकलने की सलाह
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने हालात का मूल्यांकन करते हुए अपने नागरिकों को तत्काल ईरान छोड़ने की चेतावनी दी है। इससे पहले 7 अप्रैल को जारी सलाह में लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई थी।

दूतावास ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिक बिना निर्देश के किसी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर न जाएँ और केवल दूतावास द्वारा सुझाए गए सुरक्षित मार्गों का पालन करें। किसी भी सीमा पर जाने से पहले दूतावास से संपर्क करना अनिवार्य है।