संसद के बजट सत्र के पांचवें दिन भी लोकसभा का माहौल तनावपूर्ण बना रहा। विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार को लगातार दूसरे दिन अपने भाषण के दौरान चीन से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरते रहे। उनके रुख को विपक्षी दलों का समर्थन मिला, जिससे सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और कार्यवाही को रोकना पड़ा।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को कई बार संयम बरतने के लिए कहा, वहीं सत्ता पक्ष ने भी उनके वक्तव्यों पर आपत्ति जताई। इसके बाद सदन में शोरगुल तेज हो गया। अध्यक्ष द्वारा अन्य सदस्यों को बोलने का अवसर दिए जाने पर विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही।

इस घटनाक्रम पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और संसद में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि सदन को सुचारू रूप से चलाना सरकार की जिम्मेदारी होती है।

उधर भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने विपक्ष के रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर मुद्दे पर खुली बहस का अवसर दिया है और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर भी चर्चा चल रही थी, लेकिन विपक्ष ने इसे बाधित किया। उनके अनुसार, इस तरह के आचरण से संसद की गरिमा को ठेस पहुंचती है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि सदन को किसी पार्टी का कार्यालय समझना गलत है। उन्होंने कहा कि संसद नियमों और अनुशासन से चलती है, न कि मनमानी से।