पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच बहरामपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने चुनावी माहौल और मतदान प्रक्रिया को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में सत्ता विरोधी लहर के साथ-साथ एसआईआर (स्पेशल ऑब्जर्वर रिपोर्ट/सिस्टम) का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। चौधरी के मुताबिक, हालांकि कांग्रेस ने शुरू में इस व्यवस्था का विरोध किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके कुछ सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की सख्ती के चलते क्षेत्र में पहले की तुलना में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है और आपराधिक गतिविधियों में कमी आई है। अधीर रंजन चौधरी ने इसे चुनाव प्रक्रिया के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया और कहा कि इससे मतदान अधिक शांतिपूर्ण माहौल में हो रहा है।
इसी बीच मतदान के आंकड़े भी तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं। दोपहर 3 बजे तक पश्चिम बंगाल में पहले चरण में लगभग 78.77 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो मतदाताओं की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है। वहीं तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक साथ हो रहे चुनाव में अब तक करीब 70 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की जा चुकी है। दोनों राज्यों में मतदाता लंबी कतारों में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
दूसरी ओर, चुनावी माहौल में कुछ स्थानों पर तनाव की घटनाएं भी सामने आई हैं। आसनसोल दक्षिण सीट से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर कथित रूप से पथराव किया गया, जिससे वाहन के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना के बाद उन्होंने हिरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वहीं नंदीग्राम क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राज्य मंत्री शशि पांजा ने दावा किया कि कुछ पुलिस अधिकारी निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहे हैं और उन्होंने मुख्य चुनाव अधिकारी से शिकायत कर दो अधिकारियों को हटाने की मांग की है।
इसके अलावा पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर सदर क्षेत्र में टीएमसी उम्मीदवार प्रदीप सरकार ने आरोप लगाया कि उनके चुनावी पोस्टर हटाकर भाजपा के झंडे लगाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं। पुलिस और चुनाव आयोग ने इन सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है।