नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 7 लोक कल्याण मार्ग पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की विशेष बैठक की। बैठक का उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच विभिन्न मंत्रालयों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा करना और भविष्य की रणनीति तय करना था। यह इस विषय पर दूसरी बार आयोजित विशेष बैठक थी।

बैठक में प्रधानमंत्री ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को स्थिर बनाए रखने और जमाखोरी व कालाबाजारी रोकने के उपायों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों तक सही और समय पर जानकारी पहुँचे ताकि अफवाहों से आम लोगों को कोई नुकसान न हो।

केंद्र और राज्यों को दिए दिशा-निर्देश
प्रधानमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे संकट से प्रभावित क्षेत्रों और लोगों की समस्याओं को कम करने के लिए तुरंत कदम उठाएँ। पेट्रोलियम, एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नए स्रोतों और देशों के साथ समन्वय बढ़ाया है। एलपीजी की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं और कालाबाजारी पर नजर रखने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने और गर्मियों में बिजली की आपूर्ति बनाए रखने के लिए गैस आधारित पावर प्लांटों को कुछ छूट दी गई है। थर्मल पावर स्टेशनों तक पर्याप्त कोयला पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।

बैठक में कृषि, नागरिक उड्डयन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। खाद्य सुरक्षा के लिए यूरिया उत्पादन जारी रखा जा रहा है और डीएपी/एनपीके खाद के लिए विदेशों से सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। राज्यों से कहा गया कि वे खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती रखें।

पिछले एक महीने में अनाज, सब्ज़ी, फल और अन्य जरूरी चीजों की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रही हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और राज्यों के साथ लगातार संपर्क रखा जा रहा है। ऊर्जा, खाद और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए वैश्विक स्तर पर नए विकल्प तलाशे जा रहे हैं।

बैठक में शामिल शीर्ष अधिकारी और मंत्री
इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पीयूष गोयल, जेपी नड्डा, अश्विनी वैष्णव, मनोहर लाल खट्टर, प्रल्हाद जोशी, के. राममोहन नायडू और हरदीप पुरी समेत कई वरिष्ठ मंत्री उपस्थित थे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा, शक्तिकांत दास और कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन भी बैठक में शामिल हुए।

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में भी पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की स्थिति को चुनौतीपूर्ण बताया और देशवासियों से एकजुट होकर इसका सामना करने का आह्वान किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे समय में स्वार्थ या अफवाह फैलाने वालों की राजनीति किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

इससे पहले 22 मार्च को भी पीएम मोदी ने इसी समूह के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा सहित आम लोगों की जरूरतों का मूल्यांकन किया था। उन्होंने सभी विभागों को आम लोगों को कम से कम असुविधा पहुँचाने के लिए मिलकर काम करने के निर्देश दिए थे।